केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को भारत टैक्सी के साथ जुड़े कैब ड्राइवरों के साथ बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ के ड्राइवरों के साथ बातचीत करते हुए अमित शाह ने कहा कि अभी तक 2.5 लाख ड्राइवर इस सेवा में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी के जरिए सरकार चाहती है कि रात-दिन गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को उनकी मेहनत मुनाफा मिले, न कि किसी सेठ को.. कंपनियां चलाने का उद्देश्य मालिक को धनी बनाना है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भी मालिक को धनी बनाना है, लेकिन कंपनी के मालिक को नहीं बल्कि दिन-रात मेहनत कर रहे कैब के मालिक को।
ड्राइवरों को 3 साल तक रखना होगा धैर्य
अमित शाह ने कैब ड्राइवरों को उदाहरण के साथ समझाया कि भारत टैक्सी में उन्हें सिर्फ 500 रुपये का निवेश करना है। 3 साल के बाद भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाएगी, इसमें से 20 प्रतिशत पैसा ड्राइवरों की पूंजी के तौर पर भारत टैक्सी के खाते में जमा हो जाएगा और बाकी का 80 प्रतिशत पैसा ड्राइवरों के बैंक खाते में उनके काम के आधार पर डाल दिया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि जो लोग कैब सर्विस में अपनी गाड़ी चला रहे हैं, वो मालिक हैं और अभी वो गाड़ी चलाकर जितना किराया कमा रहे हैं, वो तो उनका है ही, साथ ही कंपनी के रूप में भारत टैक्सी को होने वाले मुनाफे का हिस्सा भी ड्राइवरों को दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहले 3 साल तक उन्हें धैर्य रखना होगा।
सस्ते इंश्योंरेस के साथ-साथ लोन की भी मिलेगी सुविधा
मंत्री ने कहा कि जब भारत टैक्सी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का चुनाव होगा तो इसमें कुछ सीटें कैब ड्राइवरों के लिए भी रिजर्व होंगी, जो ड्राइवरों के हितों का ध्यान रखेगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी सारथियों (ड्राइवर) को को-ऑपरेटिव बैंक से लोन मिलेगा, इसके लिए ड्राइवर की गाड़ी ही मॉर्गेज होगी। इफको टोकियो ड्राइवरों का इंश्योरेंस करेगी, जिसका प्रीमियम काफी कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार भारत टैक्सी में इस तरह के कई प्रावधान जोड़ने वाली है। हालांकि, इसमें थोड़ा समय लगेगा और तब तक ड्राइवरों को धैर्य रखना होगा।



































